आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के रोमांचक खिताबी मुकाबले में सुपर ओवर भी टाई रहने के बाद इंग्लैंड को विजेता घोषित किये जाने पर दिग्गज क्रिकेटरों ने सवाल उठाये हैं। इस मैच का फैसला निर्धारित 50 ओवरों के बाद सुपर ओवर में भी नहीं निकलने पर मेजबान इंग्लैंड को ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया। आईसीसी के नियम के मुताबिक ज्यादा बाउंड्री लगाने की वजह से इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया। आईसीसी के इसी नियम की वजह से अब उसपर सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़े-बड़े क्रिकेट दिग्गजों ने इंग्लैंड की जीत पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने ट्वीट कर आईसीसी से पूछा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस तरह के मैच में ज्यादा बाउंड्री लगाने वाली टीम को विजेता कैसे घोषित किया जा सकता है। ये मैच टाई होना चाहिए था। मैं न्यूजीलैंड और इंग्लैंड को बेहद रोमांचक फाइनल के लिए बधाई देता हूं। दोनों ही टीमें विजेता हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर स्कॉट स्टायरिस ने भी आईसीसी पर तंज करते हुए लिखा, 'बहुत खूब आईसीसी, तुम एक मजाक हो।' हिंदी कमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी लिखा कि लगातार दो फाइनल मैच गंवाए, दूसरा फाइनल कम बाउंड्री लगाने की वजह से गंवाया। न्यूजीलैंड के साथ हमदर्दी ना होना संभव नहीं है। इस टीम ने दिल जीते हैं।
इंग्लैंड का क्रिकेट टीम का विश्व विजेता बनने का सपना आखिरकार बेहद नाटकीय अंदाज में 44 साल बाद पूरा हुआ। इंग्लैंड ने आईसीसी विश्व कप-2019 के फाइनल में न्यूजीलैंड को सुपर ओवर से मात दे पहली बार विश्व विजेता का स्थान हासिल किया है। इंग्लैंड को जीतने के लिए न्यूजीलैंड से 242 रनों की चुनौती मिली थी, पर बेन स्टोक्स की नाबाद 84 और जोस बटलर की 59 रनों की पारियों के बाद भी इंग्लैंड 50 ओवरों में 241 रनों पर ही सिमट गई और दोनों टीमों का स्कोर टाई रहा। इसके बाद विश्व कप इतिहास में पहली बार मैच सुपर ओवर में गया पर वहां भी ये टाई रहा।  इंग्लैंड ने सुपर ओवर में 15 रन बनाए और कीवी टीम के सामने 16 रनों का लक्ष्य रखा। सुपर ओवर में न्यूजीलैंड भी 15 रन ही बना पायी और मेजबानों को ज्यादा बाउंड्रीज लगाने के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया। 

अंपायरों की गलतियों से हारे कीवी 
आईसीसी विश्व कप क्रिकेट में अंपायरों की गलतियों के कारण  न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा। इससे एक बार फिर अंपायरिंग पर सवाल उठे हैं। इसके अलावा डीआरएस प्रणाली की खामियां भी सामने आई हैं। टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी की और उनकी पारी में कुमार धर्मसेना और मारेयस ऐरामस ने तीन गलत फैसले दिए, जिसके कारण ही न्यूजीलैंड के हाथ से खिताब फिसल गया। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए टाइ मुकाबले में मेजबानों को अधिक बाउंड्री लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। 
न्यूजीलैंड की पारी के तीसरे ओवर में हेनरी निकोल्स को धर्मसेना ने एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया था हालांकि रिव्यू के बाद वह नाबाद करार दिए गए थे, क्योंकि गेंद स्टंप्स के ऊपर से जा रही थी। इसके बाद 23वें ओवर में लिएम प्लंकेट की गेंद केन विलियमसन के बल्ले से लगकर विकेटकीपर के हाथों में गई, लेकिन धर्मसेना ने आउट करार नहीं दिया. इंग्लैंड ने फैसले पर रिव्यू लिया और फैसला उनके पक्ष में गया। 34वें ओवर में मारेयस ऐरामस ने मार्क वुड की गेंद पर रॉस टेलर को एलबीडब्ल्यू करार दिया, वहीं रिप्ले में साफ था कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से जा रही थी। मार्टिन गप्टिल ने पहले ही न्यूजीलैंड का रिव्यू गंवा दिया जिसके कारण टेलर को वापस जाना पड़ा।
इससे पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए सेमीफाइनल मुकाबले में भी धर्मसेना अपने गलत फैसले के कारण निशाने पर आ रहे हैं। 20वें ओवर में उन्होंने पैट कमिंस की गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश की और गेंद विकेटकीपर एलेक्स कैरी के हाथों में गई। अंपायर धर्मसेना ने उन्हें आउट करार दिया। वहीं जब रीप्ले देखा गया तो गेंद और बल्ले का संपर्क ही नहीं हुआ था।