अब क्रिकेट को माइक्रोचिप वाली गेंद मिलने जा रही है। अनुमान है कि इस गेंद का अनावरण ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख घरेलू टी 20 प्रतियोगिता बिग बैश लीग में किया जाएगा। गेंद का निर्माण करने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनी कूकाबुरा इसे अमली जामा पहनने के लिए तैयार भी हो गयी है। कई खूबिया की वजह से इस गेंद को 'स्मार्टबॉल' कहा जा रहा है। इससे पहले विश्वकप के दौरान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने सेंसर वाले बल्ले का इस्तेमाल किया था। माना जा रहा है कि इसका खुलासा लॉर्ड्स में होगा, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम एशेज सीरीज के दूसरे टेस्ट की तैयारी कर रही है। मेलबर्न की कंपनी कूकाबुरा ने रियल टाइम डेटा प्रदान करने के लिए गेंद में एक माइक्रोचिप लगाई है, इसी कारण इसे 'स्मार्टबॉल' कहा जाएगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार गेंद एक ट्रैकर से लैस होती है, जो डिलीवरी करते ही डेटा प्रदान करती है। जिसमें रिलीज पॉइंट पर स्पीड मैट्रिक्स, प्री-बाउंस और पोस्ट-बाउंस शामिल हैं। इस गेंद के आने के बाद अंपायर्स को डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) में मदद मिलेगी। इस गेंद के आने से संदिग्ध परिस्थितियों या बैट-पैड के उदाहरणों में गेंद के प्रभाव बिंदुओं को निर्धारित किया जा सकेगा, जिससे स्पिन गेंदबाजी के दौरान अंपायरों को फैसला लेने में मदद मिलेगी और वह सटीक भी होगा। साथ ही इस गेंद में कई ऐसी चीजे हैं जो खेल को नई ऊचाइयों पर ले जाएगी। इस गेंद का इस्तेमाल सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया की घरेलू टी20 बिग बैश इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद विश्व स्तर पर इसे प्रस्तुत किया जाएगा। 
इंग्लैंड के क्रिकेट क्लब ने पेश की 'वीगन' गेंद
वहीं इंग्लैंड का एक क्रिकेट क्लब अब लेदर गेंद के स्थान पर 'वीगन' गेंद का इस्तेमाल करने जा रहा है। वीगन गेंद पर चमड़े की जगह रबर की कवरिंग होगी। वीगन यानी वे लोग जो पूरी तरह से पौधों पर आधारित आहार लेते हैं। ये लोग दूध और उससे बने पदार्थों का इस्तेमाल भी नहीं करते। क्लब के चैयरमैन गैरी शैकलेडी करीब पांच साल पहले वीगन हो गए थे। उन्हें उम्मीद है कि सिर्फ पौधों पर आधारित जीवनशैली अपनाने से उन्हें विपक्षी टीमों पर बढ़त हासिल होगी। इस क्लब को वीगन क्रिकेट क्लब के रूप में भी जाना जाता है। वैसे इस क्लब का नाम अर्ली क्रिकेट क्लब है। यह इंग्लैंड की राजधानी लंदन से पश्चिम की ओर करीब 64 किलोमीटर है। दो साल पहले इस क्लब ने अपने खिलाड़ियों के लिए वीगन चाय भी पेश की थी।
उन्होंने कहा, 'यह गेंद लेदर गेंद की तरह ही व्यवहार करती है पर इसमें उछाल थोड़ा ज्यादा है। साथ ही इसे ग्रिप करना भी थोड़ा कठिन है लेकिन हम इसे लेकर उत्साहित हैं और हमें उम्मीद है कि हम इसे और बेहतर बना पायेंगे।' इस क्लब की शुरुआत 12 साल पहले की गई थी हालांकि जब वह वीगन हुए तब शैकलेडी को अहसास हुआ कि अब वह मैच के बीच की चाय और सैंडविच नहीं खा सकते। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक खिलाड़ी ने इसका विरोध किया।