कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी केवीएस चौधरी ने इस वर्ष वर्षाकाल में जिले में सामान्य से 25 प्रतिशत कम वर्षा होने तथा ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पेयजल स्त्रोतों के जल स्तर पर कमी आने पर संपूर्ण जिले को जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा है कि समस्त विकासखण्डों एवं नगरीय क्षेत्रों को तत्काल प्रभाव से 15 जुलाई तक की अवधि के लिये जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
    कलेक्टर ने बताया कि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के किसी भी शासकीय भूमि पर स्थित जल स्त्रोतों में पेयजल तथा घरेलू प्रयोजनों को छोड़कर अन्य किसी प्रयोजनों के लिये नहरों में प्रबाहित जल के अलावा अन्य स्त्रोतों का जल दोहन किसी भी साधन से नहीं करेगा। समस्त विकासखण्ड़ों एवं नगरीय क्षेत्रों के समस्त नदीए नालोंए स्टापडैमए सार्वजनिक कुओं तथा अन्य जल स्त्रोतों का उपयोग एवं घरेलू प्रयोजन के लिये सुरक्षित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति स्वयं अथवा प्राइवेट ठेकेदार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के पूर्व अनुज्ञा प्राप्त किये किसी भी प्रयोजन के लिये नवीन नलकूप का निर्माण नहीं करेगा। यह आदेश शासकीय नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा। जिन व्यक्तियों को अपनी निजी भूमि पर नलकूप खनन कार्य कराना है उन्हें ऐसा करने के लिये निर्धारित प्रारूप में निर्धारित शुल्क के साथ संबंधित अनुविभागीय (राजस्व) को आवेदन करना होगा। समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अनुमति देने हेतु सक्षम प्राधिकारी प्राधिकृत किया गया है।